इन सेक्टर्स में जॉब के लिए देशभर में 2 लाख पद खाली, दुनियाभर में 60 लाख पेशेवरों की जरूरत

नई दिल्ली । देश में एक तरफ बोरोजगारी दर बढ़ी है। वहीं, दूसरी तरफ कृषि को छोड़कर देश के 9 बड़े सेक्टर्स में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रेल-जून) में रिक्तियां करीब 2 लाख रहीं। तिमाही रोजगार सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य, रेस्टोरेंट, आइटी-बीपीओ व वित्तीय सेवाओं के कोर सेक्टर में 1,87,062 पद खाली पड़े रहे। इन सेक्टर्स में 3.08 करोड़ लोग काम करते हैं।

इन रिक्तियों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी आधे से ज्यादा है। इस सेक्टर में 99,429 रिक्तियां भरी जानी हैं। इस सेक्टर की करीब 4.5 फीसदी कंपनियों ने पद खाली बताए। वहीं आइटी-बीपीओ सेक्टर की 4.5 फीसदी कंपनियों में पद खाली हैं। कोर सेक्टर में ये रिक्तियां इस्तीफे, सेवानिवृत्ति, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता नहीं होने के कारण है। देश की कुल 3.6 फीसदी कंपनियों में पद खाली पड़े हैं।

दुनियाभर में आइटी पेशेवरों की कमी-
भारत सहित दुनियाभर में आइटी पेशेवरों की मांग ऑल-टाइम हाई पर है। नौकरी छोडऩेे की दर (एट्रीशन रेट) भी चरम पर है। टैलेंट फर्म मकिंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, अमरीका, चीन और 5 अन्य बड़े यूरोपीय देशों में डिजिटल टैलेंट्स की भारी मांग है। इन 8 देशों में 60 लाख से अधिक आइटी पेशेवरों की कमी है।

पहली तिमाही में इन 9 कोर सेक्टर्स में खाली थे पद –
सेक्टर – कुल रिक्तियां
मैन्युफैक्चरिंग – 99,429
शिक्षा – 36,600
ट्रांसपोर्ट – 26,500
ट्रेड – 8,400
स्वास्थ्य – 5,900
कंस्ट्रक्शन – 3,400
रेस्टोरेंट – 3,000
आइटी-बीपीओ – 2,800
वित्तीय सेवाएं – 700

नॉर्थ ईस्ट: सबसे अधिक महिलाएं टॉप पोस्ट पर-
पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, देश के नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में सबसे अधिक महिलाएं मैनेजर लेवल पदों पर काम कर रही हैं। इन राज्यों में मेघालय टॉप पर है। इसके बाद सिक्किम और मिजोरम हैं। चौथे नंबर पर आंध्र प्रदेश और पांचवे स्थान पर पंजाब काबिज है।

यहां महिलाएं टॉप पर-
राज्य – उच्च पद पर महिलाएं
मेघालय 34.1%
सिक्किम 33.5%
मिजोरम 33.3%
आंध्र प्रदेश 32.3%
पंजाब 32.1%

ये राज्य रहे फिसड्डी –
उत्तराखंड 11.7%
अंडमान 9%
हरियाणा 7.5%
असम 6.9%

(पीएलएफएस के आंकड़े)

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